कुदरत में छिपे रहस्यों को समझो

कुदरत के कानून को समझो, इसके रहस्य को समझो, कुदरत के साथ तालमेल बनाना सीखो, कुदरत की धुनों को समझो और इसके साथ सुर से सुर मिलाना सीखो। कुदरत की शक्ति को महसूस करो। इसके काम करने के अंदाज़ का अध्यन करो, इसके काम करने की गहराई में जाओ।। कुदरत के अंदर जो शक्तियां काम कर रही हैं वही शक्तियां हमारे दिमाग और शरीर में भी काम कर रही हैं। हमारे दिमाग में कुदरत के द्वारा सौंपा गया एक महान खज़ाना छिपा हुआ है, उस ख़ज़ाने को पहचानो, उसका दोहन करो, उस तक पहुंचने की असीम कोशिश करो।

हमें अपने मानवी दिमाग की Right  Side की functioning  को समझना होगा, इसमे छिपी शक्तियों को समझना होगा, इसमे छिपे unfathomable  secrets  को जानना होगा। यह कैसे हमारी लिए कामधेनु वृक्ष की तरह काम कर सकता है, इसे जानना होगा। हमारा Right Brain  एक चमत्कारी Magnet  है जो एक Broadcasting  और Receiving  Station  की तरह काम कर रहा है।  यह हर समय कुछ न कुछ विचार जो की rays या waves  की तरह होते हैं छोड़ रहा है । यही किरणें या waves अगर हम focus  या एकाग्र  करें तो ये Cosmic  Path  के माध्यम से कुदरत के विशाल Broadcasting  या Receiving  Station  से टकराकर पहले से अधिक potent  और energized  होकर हम तक वापिस पहुँचती हैं। इन्हीं वापिस आयी energized  और rebooted   vibrations  में हमारे dreams  या goals  को हासिल करने के signals, secret  messages  या cosmic  instructions  होती हैं जो हम अक्सर read  करने में miss  कर जाते हैं। जैसे की किसी ख़ास आदमी का मिलना, किसी  जगह पर जाने का दिल करना, किसी written  message  पर हमारी नज़र का suddenly  पड़ना, हमारा कोई scene  देखना या किसी idea  का हमारे दिमाग में strike  करना और न जाने कितने signals  कुदरत हमें हर पल, हर समय, हर जगह और हर इंसान के रूप में हमें दे रही है और हम इतने अनजान और भोले हैं कि अपनी माँ जैसी  कुदरत को भुला कर अपनी ही उधेड़भुन में लगे हुए हैं।  अपने ही हाथों से मकड़ी कि तरह जाला भुनते हैं और उस में हमेशा के लिए फंस कर रह जाते हैं।

क्या कभी हमने सदियों  से चले आ रहे कुदरत के नियमों को समझा, इसकी प्रणाली और तंत्र को समझा? अगर हमारे मानवों के समाज में हमारे बनाये हुए नियम या कानून लागू हो सकते हैं तो कुदरत तो हमसे बहुत पहले है, क्या इसकी रचना को हम ordered  या well-organised  नहीं कह सकते? क्या इसके कोई नियम या कानून नहीं हो सकते? क्या यह unorganisedly  या unsystematically  काम कर रही है?

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