आखिर कट्टरवाद इतना हानिकारक क्यों है?

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  • कट्टरवाद भोले भाले इंसान को ज़ालिम बना देता है।
  • यह इंसानियत की जगह हैवानियत को जन्म देता है।
  • राजनीति में घुसकर कट्टरवाद देश को तरक्की की जगह बहुत नुक्सान तो देता है साथ में उसे बहुत पीछे ले जाता है।
  • यह वह फैलने वाली खतरनाक बिमारी है जिसका इलाज शुरू में तो हो सकता है पर ज्यादा समय बीतने पर इसका इलाज नामुमकिन हो जाता है। इसके संपर्क में आने वाला भी जल्दी बीमार हो जाता है।
  • कट्टरवाद आम इंसान को चलता फिरता हथियार बना देता है जो कभी भी किसी को भी घायल कर सकता है।
  • यह धार्मिक इंसान को अँधा कर देता है और अगर धर्म में अगर घुस जाए तो जीवन देने के बजाय यह जीवन ले लेता है।
  • यह देश, धर्म, इंसान और राज्यों को जोड़ने के बजाय उन्हें हमेशा तोड़ने की फिराक में रहता है।
  • पड़ा लिखा इंसान अगर कट्टर हो जाए तो वह इंसानियत के लिए बहुत घातक सिद्ध हो सकता है।
  • कट्टरता वह ज़हर है जो खुद को तो नुक्सान देता ही है साथ में आसपास के इंसानों को भी मार देता है।
  • बड़े बड़े लीडर्स कट्टरवाद के जरिये देश को लूटने और तबाह करने की फिराक में रहते हैं। यह बस उन इंसानों की ताक में रहते हैं जो इनके ‘राज करने की कुटिल सोच’ के हिमायती बन सकें।

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